लाशों_के_व्यापारी।
आज कल बहस चल रही है कि किस सरकार ने आपदा समय में क्या किया.....??
तो मुझे 2013 की बाबा केदारनाथ धाम मे
भीषण बादल फटने की घटना याद आ गई !!
इस आपदा में काँग्रेस ने कैसे की लोगों की मदद।
16 जून 2013 को उत्तराखंड केदारनाथ में जलप्रलय शुरू हुआ ,जो भीषण तबाही मचा गया था। केदारनाथ में लगभग पच्चीस हजार श्रद्धालु मर गये थे।तीन दिन चली इस भीषण तबाही में ,कांग्रेस की सरकार ने
केदारनाथ में फंसे श्रद्धालु भक्तों की कोई मदद नही की।चौथे दिन जब इस भयंकर तबाही की खबर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बन गई,तब निर्लज्जता से कांग्रेस ने
सहायता भेजने का एलान किया !
ध्यान रहे सिर्फ एलान किया था।
सोनियां गांधी अमेरिका में अपने किसी गुप्त बीमारी का ईलाज कराने गई हुई थी और राहुल गांधी बैंकॉक में थे।
मनमोहन सिंह कोई निर्णय नही ले सकते थे सो,उन्हें सूचना भेजी गई ....,तब दोनों मां बेटे 21 जून को ( 4थे दिन)भारत पहुंचे।
कांग्रेस ने बहुत तामझाम करके आपदा में फंसे लोगों की सहायता के लिये बिस्किट के पैकेट और पानी की बोतलों के आठ ट्रक रवाना किये। जिन पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बड़े बड़े पोस्टर लगाए गए ...!
मां बेटे ने उन्हें झंडी दिखाकर रवाना किया.....फोटो भी खिंचवाए गये.... जो अखबारों की सुर्खियां बने थे।
लेकिन उन ट्रकों को न किराया दिया गया और न डीजल...!आठ दिन भटककर उन ड्राइवरों ने
वो बिस्किट बेचकर अपना किराया वसूल किया और निकल लिये । आज तक किसी को भी पता नही उस राहत सामग्री का क्या हुआ !
फिर जब वहां लाशें सड़ने लगी तो महामारी का खतरा बढ़ता देख आसपास के गांवों के लोगों ने आन्दोलन किया....वो भी पन्द्रह दिन बाद.....जब लाशों से बदबू आने लगी थी।
कई ग्रामीणों ने सामूहिक दाहसंस्कार भी किये....लेकिन शव ही शव फैले देखकर लोग डर गये थे।
तब देश के जिन प्रदेशों मे भाजपा की सरकारें थी, उन सबने अपने राज्य के सरकारी हेलिकॉप्टर उत्तराखंड की काँग्रेस सरकार को बचाव कार्य हेतु ऑफर किए थे!
तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 24 हेलिकॉप्टर देने की पेशकश की थी, मगर उत्तराखंड की काँग्रेस सरकार ने ....दी गई सभी ऑफर ठूकरा दिए थे !
अब देखे हिन्दुओ की लाशों पर कैसे व्यापार हुआ ।
तब कांग्रेस ने उन लाशों को निकालने के लिये
एक विज्ञप्ति निकाली। ब्लू ब्रीज ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड नामक एक एअरक्राफ्ट चारटरिंग कम्पनी आगे आई !
इस कंपनी का रजिस्ट्रेशन नंबर U52100DL2007PTC170055 यह हैं!
इस कंपनी के केवल दो डायरेक्टर हैं! राॅबर्ट वाड्रा और उनकी मां मौरीन वाड्रा! वर्ष 2008 तक प्रियंका वाड्रा भी इस कंपनी मे डायरेक्टर थी!
इस कंपनी ने एक लाश निकालने के 4,60,000 रुपये में टेंडर लिया था!
और लगभग 16, 000 लाशें तीन दिन में निकाली थी।
सरकार ने उस कम्पनी को 'सात अरब छतीस करोड रूपयों का भुगतान तुरन्त कर दिया था ।
हालांकि लाशें मिलने का सिलसिला महीनों चलता रहा,
फिर कई महीनों तक कंकाल मिलते रहे !
हाँ !! लाशें निकालने वाली कम्पनी रॉबर्ट वाड्रा की थी,
कांग्रेस की सरकारी सहायता के नाम पर किया नाटक भी याद रखियेगा ।
मां बेटे के भेजे बिस्किट आज भी नही पहुंचे हैं
विश्व के इतिहास में लाशों का इतना बड़ा व्यापार
सुनने को मिले तो बताइएगा और 7,36,00 ,00,000 (सात अरब छत्तीस करोड़ ) का घोटाला तो शायद आप भूल जाएंगे।क्योंकि हम जनता भूलने में माहिर हैं!!
अब आते है
2021 में
सिर्फ 4 घण्टे के अंदर
सेना,
ITBP,
SDRF,
NDRF उत्तराखण्ड पहुंची
और 4 अस्थायी पुल बना कर राहत कार्य शुरू कर दिया
इसे कहते है सुशासन।
नकारात्मक
लिखना,
बोलना
सरल है पर किया जाना मुश्किल है।
हो सकता है किसी स्तर पर गलती हुई हो
पर गलती होने पर ही सबक से सीख मिलती है।
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