वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना जी के मौत पर हंसने वालों।

घरों में रहिए और सबका ख्याल रखिये।🙏
आपके देश की 35% जनसंख्या आपकी मौत पर जश्न मनाने का इंतज़ार ही कर रही है।😠
रोहित सरदाना उदाहरण है।
🥺
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